कोहरे धुंध का 'गदर': शून्य हुई विजिबिलिटी, थम गई शहर की रफ्तार; स्कूल जाने वाले बच्चे और राहगीर बेहाल
दिनांक: 26 जनवरी, 2026
समय: सुबह 06:40 बजे (रिपोर्टिंग समय)
स्थान: सिवनी /बरघाट मुख्य हाईवे
गणतंत्र दिवस की सुबह आज शहर ने कुदरत का एक अलग ही रौद्र रूप देखा। सुबह 6:30 से 6:45 के बीच कोहरे और धुंध ने ऐसा कहर मचाया कि चारों तरफ सफेद चादर के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। सड़कों पर दृश्यता (Visibility) लगभग शून्य तक पहुँच गई थी, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन
कोहरा इतना घना था कि न तो सड़क दिखाई दे रही थी और न ही पास से गुजर रहे वाहन। जब कोई गाड़ी बिल्कुल नजदीक आ जाती, तब उसकी हेडलाइट्स की हल्की सी रोशनी ही एकमात्र सहारा बनती थी। इस 'जीरो विजिबिलिटी' के कारण गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया और वाहन चालक रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हो गए। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ज्यादातर चालकों ने अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी करना ही बेहतर समझा।
स्कूली बच्चों और राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें
इस धुंध का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों और सुबह काम पर निकलने वाले राहगीरों पर पड़ा।
* थमी रफ्तार: घने कोहरे के कारण सड़कों पर अंधेरा जैसा माहौल था, जिससे बच्चे और पैदल यात्री ठिठक कर खड़े हो गए।
* परेशानी: अभिभावकों और बच्चों को सड़क पार करने और अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। मानो पूरा शहर एक पल के लिए थम सा गया था।
