सिवनी-बरघाट में 'बदली' का मौसम, रबी की फसलों के लिए 'अमृत' के समान
सिवनी/बरघाट | जिले के बरघाट क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में पिछले चार दिनों से छाए बादल और मौसम के बदले मिजाज ने आम जनजीवन को भले ही थोड़ा सुस्त किया हो, लेकिन कृषि विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों की मानें तो यह मौसम रबी की फसलों (गेहूं और चना) के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
क्यों फायदेमंद है यह मौसम?
लगातार बनी रहने वाली 'बदली' और हल्की ठंडक फसलों के लिए निम्नलिखित कारणों से लाभकारी है:
* गेहूं में कल्ले (Tillering): वर्तमान में गेहूं की फसल बढ़वार की अवस्था में है। कम धूप और नमी वाला यह वातावरण पौधों में अधिक 'कल्ले' फूटने में मदद करता है, जिससे अंततः पैदावार बढ़ती है।
* सिंचाई की बचत: वातावरण में नमी (Moisture) अधिक होने के कारण मिट्टी में नमी लंबे समय तक बरकरार रहती है। इससे किसानों को एक अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत कम पड़ सकती है।
* चने के लिए अनुकूल: चने की फसल को इस समय कड़ाके की धूप की जगह ठंडे और स्थिर मौसम की आवश्यकता होती है, जो अभी बना हुआ है।
किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह
हालांकि यह मौसम लाभदायक है, लेकिन सावधानी भी जरूरी है:
* कीटों की निगरानी: यदि बादल अधिक समय तक रहते हैं, तो चने में 'इल्ली' या गेहूं में 'माहू' का प्रकोप हो सकता है। किसान भाई नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करें।
* खाद का प्रयोग: यदि मिट्टी में पर्याप्त नमी है, तो यूरिया की टॉप ड्रेसिंग के लिए यह सही समय है ताकि पौधे पोषक तत्वों को अच्छी तरह सोख सकें।
* पाला से बचाव: यदि आने वाले दिनों में आसमान साफ होता है और ठंड अचानक बढ़ती है, तो पाले की संभावना बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में खेतों की मेढ़ों पर धुआं करें।
> विशेष संदेश: "किसान भाई चिंता न करें, यह बदली वाला मौसम आपकी मेहनत को सोने जैसा निखारने का अवसर है। बस अपनी फसलों की निगरानी बढ़ाएं और विशेषज्ञों के संपर्क में रहें।"
