मुख्य अभियंता के आदेश की अनदेखी, चार सब इंजीनियरों के ट्रांसफर मामले में विवाद!


 सिवनी: मुख्य अभियंता के आदेश की अनदेखी, 4 सब-इंजीनियरों के ट्रांसफर मामले में विवाद

सिवनी/भोपाल: मध्य प्रदेश के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग में तबादलों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक आधिकारिक पत्र और मैसेज के अनुसार, विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेशों की कथित तौर पर अनदेखी की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

भोपाल स्थित प्रमुख अभियंता (Chief Engineer) कार्यालय द्वारा 06/11/2025 को एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में उन उप-यंत्रियों (Sub-Engineers) को कार्यमुक्त (Relieve) करने के निर्देश दिए गए थे, जिनके तबादले के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिकाएं अब निष्प्रभावी हो चुकी हैं।

पत्र के अनुसार, इन उप-यंत्रियों को न्यायालय द्वारा दी गई 30 दिनों की समय-सीमा के भीतर अपना अभ्यावेदन (Representation) प्रस्तुत करना था, जो उन्होंने नहीं किया। इसके फलस्वरूप, स्थानांतरण नीति की कंडिका 42 के तहत उन्हें तत्काल उनके नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त किया जाना अनिवार्य था।

गंभीर आरोप: 'आदेश को दबाया जा रहा है'

वायरल मैसेज में सीधे तौर पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री (सिवनी) उपेन्द्र मिश्रा पर आरोप लगाया गया है कि वे प्रमुख अभियंता के.सी. धुवकर के आदेश की अवमानना कर रहे हैं। मैसेज में दावा किया गया है कि 4 सब-इंजीनियरों के स्थानांतरण आदेश को जानबूझकर दबाया जा रहा है और उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है।

इन अधिकारियों के नाम चर्चा में:

जारी सूची के अनुसार, जिन उप-यंत्रियों के स्थानांतरण का मामला अधर में है, उनमें शामिल हैं:

 * श्री सौरभ भलावी  (सिवनी से कटनी)

 * श्रीमती मनीषा पंद्रे  ( छिंदवाड़ा )

 

 * श्री तीजू लाल उइके ( मंडला )

 * श्रीमती शक्ति वल्के ( छिंदवाड़ा )

निष्कर्ष:

सरकारी आदेशों की इस तरह अनदेखी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रमुख अभियंता कार्यालय इस कथित अवमानना पर क्या कड़ा रुख अपनाता है?

Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form