बुढ़ेनाखुर्द ग्राम पंचायत में मनरेगा में फर्जीवाड़े का खुलासा: सक्षम परिवार और सरपंच पत्नी की मास्टर रोल में दर्ज हुई हाजिरी
बरघाट/सिवनी: जनपद पंचायत बरघाट अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बुढ़ेनाखुर्द में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। उपलब्ध मास्टर रोल के आधिकारिक दस्तावेजों और ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को देने के बजाय रसूखदारों के नाम दर्ज कर सरकारी राशि का आहरण किया जा रहा है।
मास्टर रोल में दर्ज हुआ नाम
सामने आए मनरेगा मस्टर रोल (एमआर) रिकॉर्ड्स के अनुसार, 'दुर्गेश टेमरे' (Durgesh Temre) और अन्य परिजनों के नाम पर परकोलेशन टैंक, खेत तालाब और सुदूर सड़क निर्माण जैसे कार्यों में हाजिरी दर्ज कर भुगतान की प्रविष्टि दर्शाई गई है।
सक्षम परिवार द्वारा योजना का लाभ उठाने पर सवाल
स्थानीय दावों के अनुसार, सरपंच पति उमाशंकर टेमरे आर्थिक रूप से काफी सक्षम हैं तथा उनके पास लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि है। इसके बावजूद योजना के मास्टर रोल में सरपंच पति की दूसरी पत्नी दुर्गेश टेमरे का नाम बतौर मजदूर दर्ज कर हाजिरी लगाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जो परिवार खुद 15 एकड़ जमीन और संसाधनों का मालिक है, उसके सदस्यों का नाम मजदूरी की सूची में आना योजना के नियमों का खुला उल्लंघन और भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है।
उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
मनरेगा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन परिवारों को रोजगार और आजीविका की सुरक्षा प्रदान करना है। इस प्रकार की अनियमितताओं से वास्तविक पात्र मजदूर रोजगार के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। इस मामले में ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन व जनपद पंचायत बरघाट के अधिकारियों से मनरेगा रिकॉर्ड्स की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने तथा गबन की गई राशि की वसूली करने की मांग की है।