बरघाट: प्रशासन की लापरवाही से 'मौत का जाल' बनी पुलिया, तीसरी बार धंसी सड़क
बरघाट। स्थानीय प्रशासन की घोर अनदेखी के कारण वार्ड क्रमांक 15 के समीप जावरकाठी-पिंडराई मार्ग पर स्थित पुलिया एक बार फिर जानलेवा साबित हो रही है। इस पुलिया के बीचों-बीच तीसरी बार गहरा गड्ढा हो गया है, जो चीख-चीखकर प्रशासनिक विफलता की कहानी बयां कर रहा है।
बार-बार मरहम पट्टी, स्थाई समाधान गायब
हैरानी की बात यह है कि इसी स्थान पर पहले भी दो बार बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिन्हें केवल मिट्टी और पत्थरों से भरकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रशासन के इस "अस्थाई जुगाड़" ने आज राहगीरों की जान जोखिम में डाल दी है। स्थानीय मोहल्ले वाले खुद के संसाधनों से गड्ढे भरने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।
हादसों को खुला निमंत्रण
* खतरनाक स्थिति: यह मार्ग अत्यंत व्यस्त है और रात के अंधेरे में यह गड्ढा किसी को दिखाई नहीं देता।
* पुराने हादसे: इस स्थान पर पहले भी कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।
* जनता का सवाल: क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि या मौत का इंतज़ार कर रहा है? अब मरम्मत नहीं, नई पुलिया की दरकार है।
> निष्कर्ष: यदि शासन ने जल्द ही इस पुलिया का पूर्ण नवीनीकरण (Renewal) नहीं कराया, तो कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं । प्रशासन की यह चुप्पी किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है
(डी डी इंडिया न्यूज़)
