खाकी का मानवीय चेहरा: सिवनी में फांसी के फंदे पर झूले युवक को पुलिस ने CPR देकर बचाई जान
सिवनी (मध्य प्रदेश): जिले के आदेगांव थाना क्षेत्र में पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक युवक को नया जीवन मिला है। जंगल में पेड़ से लटककर आत्महत्या का प्रयास करने वाले 35 वर्षीय युवक की सांसें उखड़ती देख पुलिस कर्मियों ने मौके पर ही तत्काल CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और चेस्ट पंप दिया। समय रहते किए गए इस प्राथमिक उपचार और त्वरित अस्पताल पहुंचाने की वजह से युवक की जान बच गई।
डायल-112 पर मिली थी सूचना
मिली जानकारी के अनुसार, डायल-112 पर सूचना मिली कि ग्राम बोरिया के पास जंगल में एक युवक ने सागौन के पेड़ पर फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही आदेगांव थाना प्रभारी उपनिरीक्षक (SI) आशीष धुर्वे, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण भलावी और ग्राम रक्षा समिति के सदस्य विकास यादव बिना समय गंवाए तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए।
मौके पर सूझबूझ: थमती सांसों के बीच दिया CPR
पुलिस टीम जब बोरिया के जंगल में पहुंची, तो देखा कि परिजनों ने युवक को फंदे से नीचे उतार लिया था। युवक की पहचान बोरिया निवासी शिवकुमार इनवाती (उम्र 35 वर्ष), पिता बेलापुर इनवाती के रूप में हुई।
थाना स्टाफ ने तुरंत युवक के गले, नाक और सीने की जांच की। शरीर में हल्की धड़कन और धीमी सांसें महसूस होने पर पुलिस टीम ने एक पल की भी देरी किए बिना जमीन पर ही उसे CPR और चेस्ट कंप्रेशन देना शुरू किया। कुछ ही देर में युवक की सांसें सामान्य होने लगीं।
जंगल से निकालकर पहुंचाया अस्पताल
इसके बाद पुलिस टीम ने परिजनों व ग्रामीणों की मदद से युवक को घने जंगल से बाहर निकाला और डायल-112 वाहन से सीधे सिविल अस्पताल लखनादौन पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में समय पर उचित इलाज मिलने के बाद अब युवक पूरी तरह खतरे से बाहर है और उसका उपचार जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने की टीम की सराहना
पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी श्री अपूर्व भलावी के मार्गदर्शन में इस पूरे रेस्क्यू को अंजाम दिया गया।
इस मानवीय और सराहनीय कार्य के लिए टीम में शामिल:
* थाना प्रभारी (उ.नि.) आशीष धुर्वे
* प्रधान आरक्षक (222) लक्ष्मण भलावी
* ग्राम रक्षा समिति सदस्य विकास यादव
* डायल-112 चालक चंद्रशेखर यादव
पुलिस अधीक्षक महोदय ने टीम की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा— "जनता की सुरक्षा और जीवन रक्षा ही पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"