* कभी भी जमींदोज हो सकती है भगवान निषादराज की प्रतिमा, अधूरे नाली निर्माण ने बढ़ाई दुर्घटना की आशंका**
**बरघाट (सिवनी)।** पुराने बस स्टैंड के पीछे, निषादराज कार्यालय के सामने कराया जा रहा नाली निर्माण कार्य स्थानीय प्रशासन और ठेकेदार की घोर लापरवाही का जीवंत प्रमाण बन चुका है। महीनों बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके चलते अब यहाँ एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि अधूरे नाली निर्माण के कारण भगवान निषादराज की प्रतिमा के चबूतरे के नीचे की पूरी मिट्टी धंस चुकी है। चबूतरे का आधा हिस्सा बिना किसी जमीनी सपोर्ट के हवा में लटका हुआ है। वर्तमान में हो रही भारी बारिश के कारण बची-कुची मिट्टी भी तेजी से बह रही है, जिससे यह भारी-भरकम स्तंभ और प्रतिमा कभी भी भरभराकर नीचे गिर सकती है।
**आस्था और सुरक्षा दोनों दांव पर**
गंभीर बात यह है कि इस मार्ग से स्थानीय लोगों और राहगीरों का लगातार आना-जाना बना रहता है। यदि समय रहते इस गड्ढे को भरकर नाली का पक्का निर्माण नहीं किया गया, तो न सिर्फ सामाजिक आस्था के केंद्र को भारी नुकसान पहुँचेगा, बल्कि किसी राहगीर के ऊपर इसके मलबे के गिरने से कोई बड़ी जनहानि भी हो सकती है।
**जनता की मांग: तुरंत जागे प्रशासन**
स्थानीय नागरिकों और माझी मछुआ समाज में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य को इस तरह भगवान भरोसे छोड़ देना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना, प्रशासन और संबंधित ठेकेदार तुरंत इस अधूरे कार्य को पूरा कराएं और प्रतिमा के बेस को सुरक्षा प्रदान करें।