# सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 100 दिन से लंबित मामलों का तुरंत हो निपटारा: कलेक्टर नेहा मीना
**सिवनी।** जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में लंबित 'सीएम हेल्पलाइन' की शिकायतों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने विशेष रूप से उन मामलों पर नाराजगी और चिंता व्यक्त की जो पिछले 100 दिनों से अधिक समय से अटके हुए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इन पुराने प्रकरणों का तुरंत और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
### रैंकिंग सुधारने और समय सीमा पर विशेष जोर
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले की सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग को प्रभावित करने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को हिदायत दी कि:
* कोई भी शिकायत बिना अटेंड किए यानी बिना देखे लंबित नहीं रहनी चाहिए।
* हर शिकायत पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए और आवेदक की संतुष्टि के साथ मामले को बंद किया जाए।
* सभी अधिकारी शिकायतों के समयबद्ध (Time-bound) और संतोषजनक निपटारे पर विशेष फोकस करें।
### पेयजल और जल गुणवत्ता से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से **नगरीय निकाय, जल निगम** और **लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE)** के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़ी पेयजल आपूर्ति और पानी की शुद्धता से संबंधित शिकायतों को **सर्वोच्च प्राथमिकता** पर रखा जाए और उनका फौरन समाधान किया जाए। जनता से जुड़े इन संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी।
### संवेदनशीलता और जवाबदेही से काम करें अधिकारी
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अधिकारियों को याद दिलाया कि सीएम हेल्पलाइन शासन की एक बेहद महत्वपूर्ण जनसेवा व्यवस्था है। इसलिए इसके संचालन और शिकायतों के निवारण में:
1. **संवेदनशीलता (Sensitivity)**
2. **जवाबदेही (Accountability)** 3. **समय-सीमा (Timeline)**
का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके और जिले की सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में लगातार सुधार हो सके।
